मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरीडोर रेलवे द्वारा प्रस्तावित छह हाईस्पीड कॉरीडोर में से एक पुणे-मुंबई-अहमदाबाद का हिस्सा है। इस कॉरीडोर की कुल लंबाई 650 किलोमीटर बनती है। मगर फ्रांस और प्रधानमंत्री कार्यालय फिलहाल सिर्फ मुंबई-अहमदाबाद तक के 492 किलोमीटर कॉरीडोर के लिए राजी हुए हैं। भविष्य में इसे पुणे तक बढ़ाया जा सकता है। मुंबई-अहमदाबाद कॉरीडोर के निर्माण पर 63 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च होने की संभावना है। यदि यह कॉरीडोर बनता है तो यह एलीवेटेड होगा। इस पर फ्रांस की तरह 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
इस बाबत गुरुवार को दिल्ली में रेल मंत्रालय और फ्रांस की राष्ट्रीय रेल कंपनी एसएनसीएफ [चेमिन्स दि फर फै्रंसाइस] के साथ सहमति पत्र [एमओयू] पर हस्ताक्षर हुए। एमओयू के तहत फ्रांस भारतीय रेलवे के साथ मिलकर इस परियोजना का संभाव्यता अध्ययन [फीजिबिलिटी स्टडी] कराएगा। साथ ही वह इसका पूरा खर्च वहन करेगा। इससे पहले इस कॉरीडोर की प्री-फीजिबिलिटी स्टडी जापान की ओर से कराई जा चुकी है। इसके अलावा फ्रांस सेमी हाईस्पीड ट्रेनों के संचालन और स्टेशनों व उपनगरीय ट्रेनों के आधुनिकीकरण में भी भारत की मदद करेगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन विनय मित्तल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद एसएनसीएफ के चेयरमैन जी पेपी ने मुंबई जाकर मध्य व पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं के बाबत विचारों का आदान-प्रदान किया।
मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड ट्रेन के बारे में पिछले दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी संकेत दे चुके हैं। दरअसल अपने दिल्ली दौरे में जब वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले थे तो चर्चा के मुद्दों में हाईस्पीड ट्रेन का मसला भी शामिल था। आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्र सरकार नहीं चाहती थी कि मोदी उससे पहले इस परियोजना पर आगे बढ़ें। लिहाजा केंद्र ने अपनी तरफ से पहल करते हुए फ्रांस के साथ आनन-फानन एमओयू कर इसका श्रेय लेने की कोशिश की है।
Tags: Mumbai Ahmedabad, High speed rail corridor, Boost with France, Bullet train project,Railway Ministry, Railway Board, MoU with France
Web Title: France to examine bullet train plan on Mumbai-Ahmedabad route
Source :Hindi news from Dainik Jagran, news business Desk
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